हाल ही में ‘वर्ल्ड इनइक्वलिटी लैब’ द्वारा जारी तीसरी ‘विश्व असमानता रिपोर्ट 2026’ में पुरे विश्व में आय, संपत्ति, लिंग, जलवायु उत्तरदायित्व और क्षेत्रीय बंटवारे के मामले में दुनिया भर में असमानता के अभूतपूर्व स्तर पर प्रकाश डाला गया है। विश्व असमानता रिपोर्ट 2026 के निष्कर्ष आज के विकास विमर्श के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह स्पष्ट करते हैं कि आर्थिक वृद्धि के बावजूद आय तथा अवसरों का वितरण समान नहीं हो रहा है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में आय असमानता अत्यधिक तीव्र है। भारत में शीर्ष 10% आबादी राष्ट्रीय आय का लगभग 58% प्राप्त करती है, जबकि निचले 50% के हिस्से में केवल 15% आय आती है। यह अंतर इस तथ्य को दर्शाता है कि आर्थिक प्रगति का बड़ा भाग सीमित जनसंख्या तक केंद्रित हो रहा है। इसके साथ ही भारत में संपत्ति असमानता भी और अधिक गहरी है- शीर्ष 1% के पास कुल संपत्ति का लगभग 40% होने का अनुमान रिपोर्ट में व्यक्त किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि आय असमानता के साथ-साथ संपत्ति संचय भी कुछ वर्गों तक सीमित है, जो दीर्घकाल में सामाजिक गतिशीलता (social mobility) को कमजोर कर...
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उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत